जब कानून सत्ता की रखैल बन कर रह जाएगा, उस अराजकता की स्थिति में भीड़ सड़को पर ही फैसला करने लगेगी।।
अब हम आजाद है, अब हमें नया धर्म चाहये।। आजादी वाला धर्म।। जिसमे सब कुछ करने की आजादी हो।। कोई बंधन नही हो। सिर्फ आजादी हो। क्या समाज ऐसे धर्म के लिए तैयार है। सोचो खोजो प्रयोग करो धर्म बनाओ पालन करो, यही जीवन है।
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