भारत के न्याय मंत्रालय के पास इस बात की कोई जानकारी नही है कि भारत मे कुल कितने कानून लागू है। इस बारे में RTI में पूछे गए सवाल से ये पता चला है। बल्कि उसने RTI को ही वापिस कर दिया कि इसमें पूछे गए सवाल ही ठीक नही है।।
अब हम आजाद है, अब हमें नया धर्म चाहये।। आजादी वाला धर्म।। जिसमे सब कुछ करने की आजादी हो।। कोई बंधन नही हो। सिर्फ आजादी हो। क्या समाज ऐसे धर्म के लिए तैयार है। सोचो खोजो प्रयोग करो धर्म बनाओ पालन करो, यही जीवन है।
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